सभी की मनसा हो गयी पूरी ,चीन से भारत का व्यापर न के बराबर

India Chaina Trade Statistics

भारत में चीनी सामान की बिक्री बहुत ज्यादा होती है ,कारण सभी को पता ही है ,चीन का माल न केवल सस्ता होता है बल्कि अब तो इन्होने गुणवत्ता में भी काफी सुधार किया है ,लेकिन इसके बावजूद यह हमारे देश में अपनी पकड़ को गुलामी में तब्दील करना चाहता था,ऐसे में हर भारत वाशी इस बात को समझ चूका है साथ ही कुछ जगहों पर तो इसका भारी विरोध भी किया गया है,लेकिन चीन से इस व्यापर में कमी होने की ये एक मुख्य वजह नहीं है ,जानकारी के मुताबिक चीन का इस साल भारत में व्यापर ना के बराबर हुआ है ,

1991 से भारत और चीन के बीच व्यापारिक सम्बन्ध है,हर साल चीन और भारत के बीच यह व्यापर करोडो का होता था लेकिन इस साल यह व्यापर कुछ लाख में ही सिमट गया है ,यह व्यापार किन्नौर जिला के नमज्ञा गांव के वाया शिपकिला दर्रे से होता है। हर वर्ष जिला के कई व्यापारी इसी दर्रे से होते हुए चीन अधिकृत तिब्बत जाते हैं,

ये व्यापर 1 जून से लेकर साल के आखिर यानि के 30 नवम्बर तक चलता है ,हर साल चीन से रेडीमेड गारमेंट्स, कारपेट, पशमीना, जूते साबर, क्रॉकरी, थरमस, चाइनीज परिधानों सहित कई खाद्य सामग्री खरीदी जाती है।चीन से हिमाचल के कारोबारी पीतल और कांसा के बर्तन, ड्राई फ्रूट्स, छवारा, नारियल, किशमिश, बादाम, चिलगोजा, काला जीरा, बादाम, अखरोट बेचते हैं।

करीब चार साल पहले तिब्बतियन भेड़, बकरी, चिगू चामुर्थी घोड़े, याक, चाइनीज कुत्तों का कारोबार करते थे लेकिन सरकार ने इस पर रोक लगा दी ,यही एक मुख्य कारण है की चीन से व्यपारिक दृष्टिकोण से इस साल महज कुछ ही खरीद परोष्त हो पायी है
अगर दूसरी बड़ी वजह की बात की जाये तो ये सब डोकलाम विवाद के चलते हुआ है ,चीन हम ही से कमाकर हमको ही आँख दिखा रहा था ,जिसके चलते सरकार ने कुछ चीज़ों पर अपनी निगरानी कड़ी कर दी ,

शायद इसी के चलते चीन पर डोकलाम विवाद काफी महंगा पड़ सकता है  ,हो  सकता है चीन इन परिवर्तनों से कुछ सीख लेने की कोशिश करे लेकिन फिर मभी यह बात उनके लिए तर्कसंगत नहीं लगती ,अब देखना यह बाकी है की क्या चीन भारत के साथ दोबारा एक बढ़िया व्यापारिक सम्बन्ध बनाने की कोशिश करता है या फिर अपनी जिद पर अड़ा ही रहता है ,बहरहाल आपकी इस बारे में क्या राय है नीचे कमेंट में लिखकर जरूर बताये ,

एक नज़र चीन और भारत के व्यापर के आंकड़ों पर
वर्ष 2013 : 03,84,85,792 निर्यात, 03,83,82,110 आयात
वर्ष 2014 : 03,83,51,173 निर्यात, 03,85,11,186 आयात
वर्ष 2015 : 05,01,05,609 निर्यात, 04,36,05,900 आयात
वर्ष 2016 : 04,40,02,656 निर्यात, 04,55,93,300 आयात
वर्ष 2017 : 22,38,000 निर्यात, 36,83,000 आयात

इन आंकड़ों को देखकर आप भी अंदाज़ा लगा सकते हैं की चीन को कितना फर्क पड़ा होगा

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