अयोध्या-अगले चुनाव में फिर गर्माएगा राम मंदिर का मुद्दा

दिल्ली -पिछले कुछ चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा सियासत से कोसो दूर हो चूका था ,2014 के चुनाव में हमने देखा की मोदी जी ने राम मंदिर के मुद्दे को आने ही नहीं दिया ,मोदी सरकार ने सिर्फ विकास पर अपना फोकस दिया था ,पिछले दो दशक से ये मुद्दा बिल्कुल शांत अवस्था में ही था लग रहा था की अब इस मुद्दे की राजनीती पूंजी समाप्त हो चुकी थी ,तब बीजेपी ने ही इस बात का खंडन किया था की विकास और राम मंदिर दोनों ही उनके मुख्य कार्य होंगे ,अब ऐसा लग रहा है की राम मंदिर लगातार राजनीती से दूर हो रहा है ,लेकिन पिछले एक साल के अंदर यह मुद्दा खामोशी से देश की राजनीति के सेंटर में आ चुका है। इस मामले को अब पुरे 25 साल हो चुके हैं ,और अब तक यह ख़ामोशी का चादर ओढे हुए था ,

लेकिन अब लग रहा है की 2019 के चुनाव में कही ये मैन मुद्दा न बन जाये ,इसको लेकर सियासत चालू हो चुकी है ,उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राम मंदिर को लेकर अपना साफ़ मत दे दिया है ,अब योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर आक्रामक तरीके से बढ़ने वाले हैं ,मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद शाम होते-होते बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस को मंदिर विरोधी के रूप में पेश करने की कोशिश की।यह बात स्पष्ट हो चुकी है की 2019 चुनाव के पहले इसका फैसला आ जाएगा ,अब ऐसे में चुनाव के समय आयोध्या राम मंदिर का मुद्दा इसके इर्द गिर्द घूम सकता है ,अब देखना यह की कौन इसको अपना मुद्दा बनता है ,और कौन ससचमुच इस पर गंभीर रहता है ,

इसके पूरे संकेत है कि बीजेपी 2019 आम चुनाव में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में पांच सालों के विकास के काम के साथ इस मुद्दे के बहाने हिंदुत्व का मामला पूरे जोर से उठाएगी। बीजेपी ने इस मामले में अपनी उलझन दूर कर दी है और वह आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने को तैयार है।और हो सकता है की जल्द ही इस पर वे अपना कोई बयान भी दे दें ,क्योंकि मोदी जी ने भी इसको लेकर अपना मत साफ़ कर दिया है साथ ही योगी आदित्यनाथ ने भी राम मंदिर को लेकर अपनी गंभीरता प्रकट की है

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