क्रिकेट विश्वकप में जीत दिलाने कोहली का साथी खिलाडी अब बेच रहा है छोले भटूरे

सिवनी सुप्रभात

आज हम बात करेंगे 2008 में जीत दिलाने वाले धाकड़ खिलाडी जो की विराट कोहली के साथी है
आज उनकी इतनी आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है कि उन्हें छोले भठूरे बेचने पड़ रहे है

कई खिलाड़ियों के गुमनामी के अंधेरे में खोने की खबरें हमें आए दिन मिलती रहती हैं। हमें क्रिकेट को छोड़कर दूसरे खेलों औैर खिलाड़ियों के बारे में मिलती हैं, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है जब क्रिकेट खिलाड़ी के बारे में ये पता चले कि गुमनामी के अंधेरे ने उसके जीवन में इतना अंधेरा भर दिया कि अब उसे अपना जीवन जीने करने के लिए छोले भटूरे बेचने पड़ रहे हैं।

जी हां इस क्रिकेटर के साथ ऐसा ही हुआ है और ये कोई साधारण क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी के साथ नहीं हुआ, बल्कि 2008 विश्वकप जीत में अहम भूमिका भी निभाई थी। विश्व कप की जीत ने पैरी को हीरो बनाया था, उस समय टीम के कप्तान विराट कोहली थे जिनका खास साथी था पैरी, लेकिन खराब प्रदर्शन की वजह से वह धीरे-धीरे चयनकर्ताओं की आंखों से ओझल होते गए, अंडर-19 का विश्व कप वैसे भी बहुत कम लोग ही देखते हैं।

इस सेक्‍शन में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद आगे सीनियर वर्ग में और बेहतर क्रिकेट खेलनी होती है, तब कहीं जाकर विराट कोहली जैसी सफलता मिलती है। पैरी इस मामले में विराट से कोसो दूर रह गया है। उसी अंडर-19 टीम के कई खिलाड़ी आज टीम इंडिया में जगह बना चुके हैं, इनमें कप्तान विराट कोहली के अलावा रविंद्र जडेजा, मनीष पांडे शामिल हैं। लेकिन पेरी गोयल आज अपने परिवार का गुजर बसर करने के लिए छोले भटूरे बेच रहे हैं।

अंडर-19 वर्ल्डकप जीतने के बाद पेरी ने पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट भी खेला, हालांकि उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा। 2010 में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया, अब पेरी गोयल लुधियाना नगर निगम के बाहर फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। पेरी की कहानी पंजाब में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
बहरहाल हम तो यही दुआ करेंगे की ऐसा किसी अन्य खिलाडियों के साथ न हो |

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